माता सरस्वती कब बन गयी लक्ष्मी पता ही नहीं चला 

सीबीएसई स्कूलो दुवारा बिकती शिक्षा

एक सहयोग जो आप सब माता पिता और हर मित्र से चाहता हु सीबीएसई स्कूल आज उत्तरखंड में बंद क्यों।
नमस्कार मित्रो आज में कोई आप लोगो के लिए कंप्यूटर की या फिर मोबाइल एप्प के बारे में बात नहीं करूँगा बल्कि एक ऐसे सबजेक्ट के बारे में बात करेंगे जो हम सब की जरूरत है मगर है किसी किसी के पास .

सीबीएसई स्कूल आज से बंद क्यों। 700 स्कूल के 3000 प्रिसिपल और निदेशक सब हड़ताल पर क्यों । शायद सिर्फ इसलिए कि इन निजी स्कूलों की कमाई खत्म करने के लिए सरकार ने पहल करी है आप सब से अनुरोध है कि सरकार का साथ दे इन लोगो की धमकी से ना डरे।

इस पोस्ट के माध्यम से उन माता पिता को जगाने का प्रयास कर रहा हु जो मुझे ये कहते है कि निजी स्कूल हम को लूट रहा है प्ल्ज़ पड़े और शेयर करे और अपनी समझ का इस्तेमाल करे ताकि किसी गरीब घर के बच्चों को भी सही शिक्षा मिल सके। और आम इंसान इन भेडियो के मुंह का निवाला ना बन सके।और माता सरस्वती , सरस्वती ही रहे धन की देवी ना बने .

सीबीएसई स्कूलों की 4 मुख्य मांगे जो नजयाज है।

[1] केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों की अनिवार्यता खत्म की जाए क्यों।

Ansr-  जितने भी सीबीएसई स्कूल है उन में 75%जो टीचर है जो कि मेरी निगह में टीचर है ही नही क्यों कि जो इन स्कूल में टीचर के पद में है उन की खुद की पढ़ाई कभी पड़ने लायक है ही नही । वो सिर्फ वह पर 5००० हाजर की नोकरी करने नहीं जा रहे है उन का लालच है उस स्कूल के बच्चो से [उस स्कूल के बच्चे उन टीचर के पास टिउशन पड़ने जो आयेंगे और उन के काफी आछे पेसे बनेंगे ]

अब बात करता हु एनसीईआरटी की किताब का विरोध क्यों 

एनसीईआरटी की बुक बहुत बढ़िया होती है जिसे एक IITI और IMA और भारत के काफी पड़े लिखे सम्नीत इन्सान लिखते है और इन बुक को ये टीचर नहीं पड़ा सकते है क्यों की इन लोगो ने अपनी पढाई इस लेवल की की ही नहीं है कभी , दूसरा एनसीईआरटी की बुक लगने से निजी स्कूल की इन्काम खत्म हो जाएगी .और इन स्कूल में जितने भी टीचर है उन की शिक्षा की पोल खुल जाएगी आगे में आप को एक एक्सजम्ल के साथ बताता हु .

Exp- एक टीचर जिस ने अपने जीवन भर यानी कि 12th तक कि पढ़ाई साइंस से करी 2 बार फेल हो कर 45%से और आगे साइंस की पढ़ाई इस लिए नही की [स्नातक] क्यों की साइंस के लायक वो नहीं था . बड़ी मुश्किल से 50% से वो भी आर्ट और कॉमर्स चुन कर . NOT - आर्ट और कॉमर्स कोई बुरे विषय नहीं है बात को समझे मेरी मेने खुद अपनी पढाई कॉमर्स से की है और मेरे कई मित्रो ने भी . आज वो ही टीचर जिस ने कभी साइंस इस लिए छोड़ी थी की वो साइंस के लायक नहीं था , आज इन निजी स्कूल में वो 8th 9th और 10th पड़ा रहा है केसा पड़ा रहा है ये आप खुद समझ जाए स्कूल में जो टीचर ये निजी स्कूल में है किया इनमे से किसी ने भी गवर्मेंट पेपर पास कर के BED या MED किया है शायद ना के बराबर और जिस ने किया हुवा  वो 5 या 6 हाजर की इन की नोकरी नहीं कर रहा है बल्कि वो अपने घर में बेठ कर बहुत अच्छी पढाई करा रहा है और बच्चो को . अब आते है इन सीबीएसई की दूसरी शर्त पर [शर्त इसलिए कहा है क्यों की शर्त के साथ आज भारत में हमारे बच्चो को जो शिक्षा  मिल रही है ]

[2]-निजी स्कूल को कुछ भी करे सरकार का कोई भी हस्तक्षेप ना हो 

आज के समय में कितने स्कूल ऐसे है जो की किसी आम इन्सान के है या तो नेताओ के है या फिर बड़े बड़े बिजनेस मेन के ये सिर्फ आप इन्सान को पागल बनाया जा रहा है सरकार दुवारा की वो आम जनता के साथ है पर है नहीं परदे के पीछे की कहनी बहुत दर्नीय है जो आप देख नहीं पा रहे है आप सब बस 50 हजार रुपए देते रहे अपने एक बच्चे की फ़ीस पुरे साल की और इन के पास जो टीचर है वो है 5000 रुपए महीने का और princpal महदोय है 15000 से 20000 के जो आज हड़ताल में बैठे नहीं है बल्कि बेठाए गए है क्यों की अगर ये नहीं बेठे थो इन प्रिंसिपल सर की नोकरी चली जाएगी और इस नई नोकरी के लिए बहुत है जो 10000 रुपए में आ जायेंगे , और हा ये वो ही आयेंगे जिन्होंने 45 % से पास करी सनातक , थोडा खेल को समझे भाई कई माता पिता कह तो देते है मगर किया वो साथ देते है किसी का की क्यों आप readmissions  फ़ीस जो भर  रहे है क्यों की आज के समय में हर माता पिता के मन में इन निजी स्कूल वालो ने इतना डर बेठा दिया है की अगर आप ने कोई आवाज उठाई तो आप के बच्चो को इस स्कूल से निकल दिया जायेगा या फिर आप के बच्चो पर ध्यन नहीं देंगे या फिर आप के बच्चो को फेल क्र देंगे , जेसे कभी मुगलों ने भारतीयों को डराया था या अंग्रजो ने की हमारी विरोध कुछ भी बोला तो मार दिये जाओगे , वही तो आज ये निजी स्कूल वाले कर रहे है अभी भी समय है आप सब साथ दे एक दुसरे का नहीं तो एक समय ऐसा आएगा की आप के और मेरे बच्चो को पढाई नसीब नहीं होगी .
अब बात करता हु इन की तीसरी शर्त की ध्यन दे 

[3] सरकार जो स्कूल में एक्ट लायेगी उस को लागु करने से पहले इन भेडियो से पूछे क्यों ?

टीक है आज हम आजाद हो चुके है मगर आजादी का इतना नंगा नाच शिक्षा के साथ शयद मेरे भारत में ही हो रहा है क्यों सरकार इनसे पूछे हर सरकार को सरकार आप ने और मेने बनाया है आम इन्सान से क्यों नहीं पूछा जाता की आप के बच्चो की शिक्षा केसी होनी चाहिए किया हमारी सरकार को पता नहीं है की आज भी 10000 और 15000 की नोकरी पाने के लिए इन्सान क्या क्या कर रहा है 10 या 15 हजार में घर चलाएगा या फिर अपने बच्चो का पेट भरेगा क्यों ऐसे स्कूल को बंद क्यों नहीं करती है हमारी सरकार आखिर क्यों हम आम इन्सान एक दुसरे का साथ नहीं देते है क्यों हमारे भारत में शिक्षा बिक रही है ,शिक्षा का स्तर क्यों नहीं उठ रहा है ,जब की हर देश अपनी शिक्षा से जाना जाता है ,आखिर क्यों ? आप सब एक दुसरे का साथ क्यों नहीं दे रहे है जबकि आप को पता है की आप के बच्चो के साथ भी आगे इससे भी बुरा होगा .

[4]  राईट टू एजुकेशन का पुरना पैसा मिले नहीं तो आर टी आई  दाखिले नहीं होंगे 

कुछ और बच गया है तो वो भी मांग लो भाई एक काम करो आम इन्सान को पैदा ही मत होने दो ये सही रहेगा . अगर सरकार ने ये सब मांगे मान ली तो समझ लेना जो में आप को समझना चाह रहा था आप सब समझ गए और जो आप को भविष्य बताया है वो भी जरुर आएगा आप के बच्चो और बच्चो के बच्चो के साथ इसलिए आप सब से बार - बार कह रहा हु सब साथ आ जाओ एक बार फिर देखो क्या नहीं होता है सब होगा भाई मेरे सब को सही और बढ़िया शिक्षा मिलेगी जेसे आप को अपने बचपन में और मुझे मेरे बचपन में मिली है . 

अब देखना ये है की उत्तराखंड सरकार जो कहती है या फिर केंद्र सरकार जो कहती है की वो गरीबो की सरकार है वो गरीबो पर ध्यन देती है या फिर इन निजी स्कूल की बेबुनियाद मागो के आगे झुक जाएगी .

क्यों समझा रहा हु में आप को मुझे खुद ही समझ नहीं आ रहा है पर मन में और भी बहुत कुछ है जो लिखो तो रात हो जाए अगर इतना लिखने के बाद ही समझ जाए तो बहुत बढ़िया है आप और हम धन्यवाद आप सब का आप ने अपना बहुत कीमती समय दिया इस बेकार पोस्ट को पड़ने के लिए .

जय हिन्द वन्देमातरम 

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Hindi Cell Guru

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